ललितपुर–बीना रेल खंड पर सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में संविदा पर कार्यरत रेल कर्मचारी की जान चली गई। रेलवे ट्रैक की निगरानी के दौरान मालगाड़ी की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लाए जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही घंटों में उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली जाखलौन क्षेत्र के ग्राम आलापुर निवासी 50 वर्षीय वीर सिंह पुत्र धीरज सिंह झांसी रेल मंडल में एक निजी कंपनी के माध्यम से संविदा कर्मचारी के रूप में तैनात था। रविवार रात वह अपने साथी रेल कर्मी मूलचंद के साथ जीरोन रेलवे स्टेशन से जाखलौन स्टेशन तक रेल पटरियों पर नियमित पेट्रोलिंग के लिए निकला था।
सोमवार सुबह लगभग 6 बजे, जब वह जीरोन और जाखलौन स्टेशन के बीच ग्राम आलापुर के समीप तीसरी रेलवे लाइन पर गश्त कर रहा था, तभी अचानक तेज रफ्तार मालगाड़ी आ गई और वह उसकी चपेट में आ गया। हादसा इतना भीषण था कि वीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद उसके साथी ने अन्य रेलवे कर्मियों को सूचना दी।
घायल अवस्था में वीर सिंह को तत्काल ललितपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया। हालांकि करीब दो घंटे तक चले उपचार के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और उसने दम तोड़ दिया।
मृतक के परिजनों के अनुसार, वीर सिंह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके परिवार में दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने घटना की सूचना मेमो के माध्यम से कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद संविदा रेल कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था और पेट्रोलिंग के दौरान सतर्कता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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(रोहित राजवैद्य की रिपोर्ट) Bundelivarta.com


