झाँसी। लहचूरा थाना क्षेत्र का डबल मर्डर केस अब एक ऐसी खौफनाक कहानी बनकर सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। यह सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि वहशीपन की इंतहा है जहाँ एक शख्स ने अपने अवैध रिश्ते को बचाने और सच्चाई छिपाने के लिए माँ और उसके मासूम बेटे को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
सड़क किनारे मिला महिला का शव
5 अप्रैल की सुबह ग्राम बरौटा के पास सड़क किनारे एक महिला का खून से लथपथ शव मिला। शरीर पर धारदार हथियार के गहरे वार थे। चेहरा पहचान से परे था। पुलिस ने इसे हत्या मानते हुए जांच शुरू की, लेकिन असली कहानी अभी सामने आनी बाकी थी।
भूसे के ढेर में जली हड्डियाँ
दो दिन बाद, 7 अप्रैल को उसी गांव में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ। भूसे के ढेर में जली हुई हड्डियाँ मिलीं जो बाद में 3 साल के मासूम कृष्णा की निकलीं। अब यह मामला एक साधारण हत्या नहीं, बल्कि डबल मर्डर बन चुका था।
पुलिस की पड़ताल हर कड़ी जुड़ती गई
पुलिस ने गांव, मोबाइल कॉल डिटेल्स और मिशन शक्ति केंद्र में दर्ज शिकायतों को खंगालना शुरू किया। इसी दौरान एक नाम सामने आया हेमलता। जब पुलिस ने हेमलता से संपर्क किया, तो उसने जो बताया, वही इस खौफनाक कहानी का असली सच था।
अवैध संबंध में खूनी साजिश
हेमलता ने बताया कि उसका पति चतुर्भुज, नीलू नाम की महिला को अपने साथ रख रहा था। नीलू गुजरात की रहने वाली थी और उसका 3 साल का बेटा कृष्णा भी था।
करीब 6 महीने से दोनों के बीच संबंध थे। चतुर्भुज उसे अपने साथ गुड़गांव से झाँसी लेकर आया और किराए के कमरे में रखने लगा। लेकिन यह रिश्ता ही उनकी मौत की वजह बन गया।
मौत की रात कुल्हाड़ी से वार पर वार
गांव आने के बाद नीलू ने अपने पहले पति के पास वापस जाने की जिद की। यही बात चतुर्भुज को नागवार गुजरी।
गुस्से में उसने कुल्हाड़ी उठाई…
पहला वार- नीलू के सिर पर।
दूसरा वार- गर्दन पर।
तीसरा वार- जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं।
नीलू मौके पर ही खून से लथपथ गिर पड़ी।
मासूम पर भी नहीं आया रहम
माँ को मरते देख 3 साल का कृष्णा रोने लगा। लेकिन उस निर्दयी को उस मासूम पर भी दया नहीं आई।
उसने उसी कुल्हाड़ी से बच्चे पर वार किया…
एक वार… और मासूम की जिंदगी खत्म।
सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी ने अपने अपराध को छिपाने की साजिश रची। बच्चे के शव को भूसे के ढेर में ले जाकर आग लगा दी ताकि पहचान मिट जाए। महिला के शव को सड़क किनारे फेंक दिया और खुद फरार हो गया, लेकिन वह यह भूल गया कि अपराध कितना भी शातिर हो, सच ज्यादा देर छिप नहीं सकता।
जब पुलिस से हुआ आमना-सामना
जैसे-जैसे पुलिस के पास सबूत जुटते गए, चतुर्भुज की घेराबंदी तेज हो गई। बुधवार देर रात बरौठा नहर रोड पर पुलिस ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी सामने आया, उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की एक गोली उसके पैर में लगी वह गिर पड़ा और उसी वक्त पुलिस ने उसे दबोच लिया।
महिला पुलिस टीम का साहस
इस ऑपरेशन में महिला पुलिस टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। लहचूरा थाना प्रभारी सरिता मिश्रा ने सूझबूझ और साहस के साथ उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।



