निवाड़ी जिले में ग्राम चुरारा-अडजार सीमा पर प्रस्तावित स्टोन क्रेशर प्लांट को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को इस परियोजना के खिलाफ बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण ग्राम अडजार स्थित मोनी बाबा आश्रम में एकत्रित हुए, जहां उन्होंने एकजुट होकर अपनी नाराजगी और चिंता व्यक्त की।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में वे पूर्व में जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव द्वारा सरपंच की अनुमति के बिना ही प्लांट से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है और ग्रामीणों के अधिकारों का उल्लंघन है।
विरोध कर रहे लोगों ने बताया कि यदि स्टोन क्रेशर प्लांट स्थापित होता है, तो क्षेत्र में धूल, प्रदूषण और अत्यधिक शोर की समस्या बढ़ जाएगी। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान होगा, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। महिलाओं और बुजुर्गों ने भी प्रदर्शन में भाग लेते हुए बच्चों और पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता जताई।
इसी विरोध के चलते सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रीय विधायक अनिल जैन के निवास पहुंचे और उनसे मुलाकात कर अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। विधायक ने ग्रामीणों की बात को गंभीरता से सुना और कहा कि प्रस्तावित स्थल के आसपास बस्ती और रेलवे स्टेशन होने के कारण इस प्रकार का प्लांट स्थापित करना उचित नहीं प्रतीत होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जनहित को प्राथमिकता देते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रस्तावित स्टोन क्रेशर प्लांट की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
( रिपोर्टर अखंड प्रताप सिंह ) Bundelivarta.com




