सागर : सीएम राइस स्कूल शिक्षक पर छात्राओं के गंभीर आरोप, जांच टीम गठित

रोहित राजवैद्य
0

सागर न्यूज़। सागर जिले के प्रतिष्ठित शासकीय सीएम राइस स्कूल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार कक्षा 10वीं की छात्राओं ने स्कूल के शिक्षक आदित्य पांडेय पर अभद्र व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है। छात्राओं ने मामले को लेकर स्कूल प्राचार्य वी.के. दुबे को लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शिक्षक का व्यवहार लगातार आपत्तिजनक रहा है और इससे छात्राएं मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने शिक्षक को तत्काल स्कूल से हटाने की मांग की है।



पहले भी की जा चुकी है शिकायत

सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब छात्राओं ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ इस तरह की शिकायत दर्ज कराई हो। पूर्व में भी ऐसी ही शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन उस समय मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया था। हालांकि इस बार जब दोबारा आरोप लगे, तो प्राचार्य ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। यह समिति अगले तीन दिनों के भीतर मामले की पूरी जांच कर प्राचार्य को रिपोर्ट सौंपेगी।


प्राचार्य ने मानी पहले की शिकायत

प्राचार्य वी.के. दुबे ने बताया कि इससे पहले छात्राओं द्वारा दर्ज की गई शिकायत के संबंध में उन्होंने लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को पत्र के माध्यम से सूचना दी थी और कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि संचालनालय स्तर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे छात्राओं में असंतोष बना रहा। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस बार जांच निष्पक्ष होगी और सच्चाई सामने लाई जाएगी।


लोक शिक्षण विभाग ने पल्ला झाड़ा

वहीं, इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए लोक शिक्षण विभाग की सहायक संचालक ने कहा कि उन्हें इस प्रकार की किसी शिकायत की जानकारी अब तक नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत मिलती है, तो नियमानुसार जांच की जाएगी और यदि शिक्षक दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।


आरोपी शिक्षक का बचाव

उधर, शिक्षक आदित्य पांडेय ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार करार दिया है। उनका कहना है कि कुछ शिक्षक और स्टाफ के सदस्य उनके खिलाफ निजी रंजिश के कारण छात्राओं से झूठी शिकायतें करवा रहे हैं। उन्होंने इसे उनके खिलाफ रची गई साजिश बताया और जांच में सच्चाई सामने आने की बात कही।


अब नजर जांच रिपोर्ट पर

फिलहाल, स्कूल प्रबंधन और जिला शिक्षा अधिकारी की नजर चार सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या छात्राओं को न्याय मिल पाता है या नहीं। साथ ही, यह मामला इस बात को भी उजागर करता है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की शिकायतों को किस गंभीरता से लिया जा रहा है।


(अनिल श्रीवास की रिपोर्ट) Bundelivarta.com 

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
To Top