उरई (जालौन)। जनपद में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। कई क्षेत्रों में गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। बेमौसम हुई इस ओलावृष्टि को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने तत्काल प्रभाव से प्रशासनिक अमले को सक्रिय कर दिया है।
डीएम के निर्देश पर राजस्व एवं विकास विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई हैं। ये टीमें गांव-गांव पहुंचकर फसल क्षति का जमीनी स्तर पर आकलन कर रही हैं और विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। विशेष रूप से माधौगढ़, कुठौंद, रमपुरा और कोंच तहसील क्षेत्रों में सर्वे कार्य तेज़ी से कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और लेखपालों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित गांवों में पहुंचकर हर खेत का बारीकी से निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि किसानों की किसी भी प्रकार की क्षति का सही, निष्पक्ष और पारदर्शी आकलन किया जाए, ताकि शासन स्तर से राहत दिलाने की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
डीएम ने यह भी निर्देशित किया कि सर्वे कार्य पूरी संवेदनशीलता के साथ किया जाए और कोई भी प्रभावित किसान छूटने न पाए। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आंकलन करने और समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, जिससे राहत वितरण में देरी न हो।
प्रशासन की सक्रियता के चलते राजस्व टीमें लगातार गांवों में पहुंचकर किसानों से संवाद कर रही हैं और नुकसान का विवरण एकत्र कर रही हैं। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि किसानों की समस्याएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
ओलावृष्टि से हुए नुकसान के बाद किसानों को अब सर्वे रिपोर्ट और शासन से मिलने वाली राहत का इंतजार है। वहीं प्रशासन की ओर से तेज़ी से किए जा रहे प्रयासों से प्रभावित किसानों को जल्द मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
( रिपोर्टर- नितिन कुमार ) bundelivarta.com




